Wednesday, 17 January 2018

दो लाइन शायरी

हैरत से न देख मेरे चेहरे की दरारें, 
मैं वक़्त के हाथों में खिलौने की तरह था।


कम ही होते हैं जज्बातों को समझने वाले, 
इसलिए शायद शायरों की बस्तियाँ नहीं होती।


कितना चालाक है वो यार-ए-सितमगर देखो 
उस ने तोहफ़े में घड़ी दी है मगर वक़्त नहीं।


बस यही दो मसले, जिंदगी भर ना हल हुए, 
ना नींद पूरी हुई... ना ख्वाब मुकम्मल हुए।


अजीब सी पहेलियाँ हैं मेरे हाथों की लकीरों में, 
लिखा तो है सफ़र मगर मंज़िल का निशान नहीं।


ये शेरो-शायरी सब उसी की मेहरबानी है, 
वो कसक जो सीने से आज भी नहीं जाती।


कलम के कीड़े हैं हम जब भी मचलते हैं,
 खुरदुरे कागज पे रेशमी ख्वाब बुनते हैं।

अभी महफ़िल में चेहरे नादान नज़र आते हैं, 
लौ चिरागों की जरा और घटा दी जाये।


तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर,
जब भीग कर कहती है की अब रोया नहीं जाता।


कुछ यूँ उतर गए हो मेरी रग-रग में तुम,
कि खुद से पहले एहसास तुम्हारा होता है।


चलो फ़िर से हौले से मुस्कुराते हैं,
बिना माचिस के ही लोगों को जलाते हैं।


वो कागज आज भी फुलो से ज्यादा महकता है दोस्तों,
जिस पर उन्होंने मजाक में लिखा था कि हमें तुमसे मोहब्बत है..


दिल है उदास बहुत कोई पैगाम लिख दो,
तुम अपना नाम न सही गुमनाम ही लिख दो....


आखिर क्यों रिश्तों की गलियाँ इतनी तंग हैं,
शुरूआत कौन करे, यही सोच कर बात बंद है....


मोहब्बत की रंगीनियाँ छोड़ आये,
हम तेरे शहर में एक जहाँ छोड़ आए....


काश तु आये अोर गले लगा कर कहे,
बस बहुत हुआ अब नही रहा जाता तेरे बिन....


किसी से प्यार करो और तजुर्बा कर लो,
ये रोग ऐसा है जिसमें दवा नहीं लगती....


दिल में ना हो जुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती,
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती....


माना उन तक पहुंचती नहीं तपिश हमारी,
मतलब ये तो नहीं कि, सुलगते नहीं हैं हम....


हमें भी आते है अंदाज़ दिल तोड़ने के,
हर दिल में ख़ुदा बसता है यही सोचकर चुप हूँ....


स्याही भरी कलम से, कागज़ में था ग़म,
बयां हाल उनने पढ़ा, आँखे हो गई नम....


मुझे भी पता है कि तुम मेरी नहीं हो,
इस बात का बार बार एहसास मत दिलाया करों....


देखकर दर्द किसी का जो आह निकल जाती है,
बस इतनी से बात आदमी को इंसान बनाती है....


कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ,
कि खुदा नूर भी बरसाता है,आज़माइशों के बाद....


निहार रहा था उसके चेहरे की खुली किताब को,
कमबख्त बोल बैठी देखो जी नक़ल करना जुर्म है....


हो सके तो साथ रहना तुम,
दिन चाहे बुरे हो या अच्छे मेरे....


ताकत अपने लफ़्ज़ों में डालों, आवाज़ में नहीं,
क्योंकि फसल बारिश से उगती है,बाढ़ से नहीं....


थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये जिन्दगी ठहरेगीं नहीं गुजर जायेगी....


आज सड़क पर निकले तो तेरी याद आ गई,
तूने भी इस सिग्नल की तरह रंग बदला था....


मोहब्बत भी कटी पतंग जैसी ही है जनाब,
गिरती वहीं है जिसकी छत बड़ी होती है....


सच्ची मोहब्बत एक जेल के कैदी की तरह होती हैं
जिसमे उम्र बीत भी जाए तो सजा पूरी नहीं होती |


प्यार में डूब कर देखो, एक अलग ही नजारा हैं
इस चाहत भरी दुनिया में, एक नाम हमारा हैं|


ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो, दर्द की शिद्दत,
दर्द तो दर्द होता हैं, थोड़ा क्या, ज्यादा क्या !!

अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत सुबह जुड़ी हो, किसी हसीन शाम के साथ !


“रिश्ता” दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
“नाराजगी” शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं!


पांवों के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र,
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।


एक रास्ता ये भी है मंजिलों को पाने का,
सीख लो तुम भी हुनर हाँ में हाँ मिलाने का।


जब तक था दम में दम न दबे आसमाँ से हम,
जब दम निकल गया तो ज़मीं ने दबा लिया।


आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।


ज़िंदा रहने की अब ये तरकीब निकाली है,
ज़िंदा होने की खबर सब से छुपा ली है।


खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का,
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।


तेरी आँखों में रब दिखता हैं..
क्यूँकि सनम मेरा दिल तेरे लियें धड़कता हैं....


नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही….!!!
इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही…❤


अब छोड़ दिया है “इश्क़” का “स्कूल” हमने भी
हमसे अब “मोहब्बत” की “फीस” अदा नही होती !


किसी को तुम दिल से चाहो और वो तुम्हारी कदर ना करे तो,
ये उसकी बदनसीबी है तुम्हारी नही…..


मुझे तेरा साथ…जिंदगी भर नहीं चाहिये,
बल्कि जब तक तु साथ है…तब तक जिंदगी चाहिये!


सामने बैठे रहो दिल❤ को करार आएगा....
जितना देखेंगे तुम्हें उतना ही प्यार आएगा....


यूँ गुमसुम मत बैठो पराये लगते हो,
मीठी बातें नहीं है तो चलो झगड़ा ही कर लो....


क्या खूब रंग दिखाती है जिंदगी क्या इक्तेफ़ाक होता है,
प्यार में ऊम्र नही होती पर…. हर ऊम्र में प्यार होता है|


प्यार करना सिखा है….नफरतो का कोई जगह नही,
बस तु ही तु है इस दिल ❤ मे, दूसरा कोई और नही....


मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुन कर,
तेरे नाम से इतनी मोहब्बत है तो सोच तुझसे कितनी होगी....


दिल तो हर किसी के पास होता हैँ,
लेकिन सब दिलवाले नहीँ होते……


क्या पता था कि महोब्बत ही हो जायेगी,
हमें तो बस तेरा मुस्कुराना अच्छा लगा था....


तुझको लेकर मेरा ख्याल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा....


कल तक सिर्फ़ एक अजनबी थे तुम,
आज दिल की एक एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी....


ख़्वाहिश ए ज़िंदगी बस इतनी सी है के,
साथ तुम्हारा हो ओर ज़िंदगी कभी ख़त्म ना हो।


दोस्ती शायरी

दोस्ती चेहरे की मीठी मुस्कान होती है, 
दोस्ती सुख दुःख की पहचान होती है, 
रूठ भी जाये हम तो दिल से मत लगाना, 
क्योंकि दोस्ती थोड़ी सी नादान होती है।

कही अँधेरा तो कहीं शाम होगी, 
मेरी हर ख़ुशी आपके नाम होगी, 
कुछ माँग कर तो देखो...दोस्त... 
होंठों पर हँसी और हथेली पर मेरी जान होगी।

दर्द था दिल में पर जताया कभी नहीं, 
आँसू थे आँखो में पर दिखाया कभी नहीं, 
यही फ़र्क है दोस्ती और प्यार में, 
इश्क़ ने हँसाया कभी नहीं... 
और दोस्तों ने रुलाया कभी नहीं।

महफ़िल में कुछ तो सुनाना पड़ता है, 
ग़म छुपाकर मुस्कराना पड़ता है, 
कभी हम भी थे उनके दोस्त... 
आजकल उन्हें याद दिलाना पड़ता है।

दोस्ती में किसी का इम्तिहान न लेना, 
निभा न सको वो किसी को वादा न देना, 
जिसे तुम बिन जीने की आदत न हो, 
उसे जिन्दगी जीने की दुआ न देना।

प्यार का रिश्ता इतना गहरा नहीं होता, 
दोस्ती के रिश्ते से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता, 
कहा था इस दोस्ती को प्यार में न बदलो, 
क्यूंकि प्यार में धोखे के सिवा कुछ नहीं होता।

मेरी दोस्ती का हिसाब जो लगाओगे 
तो मेरी दोस्ती को बेहिसाब पाओगे, 
पानी के बुलबुलों की तरह है हमारी दोस्ती, 
अगर जरा सी ठेस पहुँची तो ढूंढ़ते रह जाओगे।

जिंदगी की राहों में बहुत से यार मिलेंगे, 
हम क्या हम से भी अच्छे हजार मिलेंगे, 
इन अच्छों की भीड़ में हमें न भूल जाना, 
हम कहाँ आपको बार बार मिलेंगे।

दोस्तों से दूर होना मजबूरी होती है, 
हकीकत की दुनिया भी जरुरी होती है, 
ऐ दोस्त अगर तू साथ न हो तो, 
मेरी तो हर ख़ुशी अधूरी होती है।

जिंदगी ज़ख्मों से भरी है, 
वक़्त को मरहम बनाना सीख लो, 
हारना तो है एक दिन मौत से, 
फिलहाल... 
दोस्तों के साथ जिंदगी जीना सीख लो।

करनी है खुदा से गुजारिश कि, 
तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले, 
हर जन्म में मिले दोस्त तेरे जैसा, 
या फिर कभी जिंदगी न मिले।

खुशबू की तरह मेरी सांसों में रहना, 
लहू बनके मेरे आँसुओं में बहना, 
दोस्ती होती है रिश्तों का अनमोल गहना, 
इसीलिए दोस्त को कभी अलविदा न कहना।

केबल पानी से तस्वीर कहाँ बनती है, 
रूठे ख्वाबों से तकदीर कहां बनती है, 
किसी से दोस्ती करो तो सच्चे दिल से, 
क्यूँकि यह जिंदगी फिर कहाँ मिलती है।

दिल से दिल का गहरा रिश्ता है हमारा, 
दिल की हर धड़कन पर नाम है तुम्हारा, 
अगर हम आपके साथ नहीं तो क्या हुआ, 
जिंदगी भर साथ निभाने का वादा है हमारा।

बरसों बाद न जाने क्या समां होगा, 
हमसब दोस्तों में न जानें कौन कहाँ होगा, 
अगर मिलना हुआ तो मिलेंगें ख्वाबों में, 
जैसे सूखे हुये गुलाब मिलते हैं किताबों में।

सबकी जिंदगी में खुशियाँ देने वाले दोस्त, 
तेरी जिंदगी में कोई गम ना हो, 
तुझे तब भी दोस्त मिलते रहें अच्छे अच्छे, 
जब इस दुनिया में हम ना हो।

काश वो पल साथ बिताए ना होते, 
तो आँखों में ये आँसू आए ना होते, 
जिनसे रहा ना जाए एक पल भी दूर, 
काश ऐसे प्यारे दोस्त बनाए ना होते।

हर खुशी दिल के करीब नहीं होती, 
ग़मों से जिन्दगी दूर नहीं होती, 
ऐ मेरे दोस्त दोस्ती संजो के रखना, 
हर किसी को दोस्ती नसीब नहीं होती।

क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त, 
क्यूँ सारे ग़मों को बाँट लेते हैं दोस्त, 
न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है, 
फिर भी ज़िन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त।

शायद फिर हमें वो तकदीर मिल जाये, 
जीवन के वो हसीं पल फिर मिल जाये, 
चल फिर से बैठें क्लास की लास्ट बैंच पे, 
शायद फिर से वो पुराने दोस्त मिल जाएँ।

न जाने किस मिट्टी से खुदा ने तुमको बनाया है, 
अनजाने में इक ख्वाब इन आँखों को दिखाया है, 
मेरी हसरत थी हमेशा से खुदा से मिलने की दोस्त, 
शायद इसीलिये किस्मत ने मुझे तुमसे मिलाया है। 

सफ़र दोस्ती का कभी ख़त्म न होगा, 
दोस्तों मेरा प्यार कभी कम न होगा, 
दूर रहकर भी रहेगी महक इसकी, 
हमें कभी बिछड़ने का ग़म न होगा।

कुछ लोग भूल के भी भुलाये नहीं जाते, 
ऐतबार इतना है कि आजमाये नहीं जाते, 
हो जाते हैं दिल में इस तरह शामिल कि, 
उनके ख्याल दिल से मिटाये नहीं जाते।

दोस्ती के लिए दोस्ती जैसा अहसास चाहिए, 
मुश्किल हो रहना जिसके बिना वो प्यास चाहिए, 
दोस्ती वही सच्ची होती है जो कायम रहे हमेशा, 
क्योंकि दोस्ती के लिए जगह दिल में खास चाहिए।

ज़िन्दगी में किसी मोड़ पर खुद को तन्हा न समझना, 
साथ हूँ मैं आपके खुद से जुदा मत समझना, 
उम्र भर आपसे दोस्ती करने का वादा किया है, 
अगर जिंदगी साथ न दे तो हमें बेवफा मत समझना।

न जाने क्यूँ हमें आँसू बहाना नहीं आता, 
न जाने क्यूँ हाले दिल बताना नहीं आता, 
क्यूँ सब दोस्त बिछड़ गए हमसे, 
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता।

नफरत को हम प्यार देते है, 
प्यार पे खुशियाँ वार देते है, 
बहुत सोच समझकर हमसे कोई वादा करना, 
ऐ दोस्त हम वादे पर ज़िन्दगी गुजार देते है।

दिन हुआ है तो रात भी होगी, 
हो मत उदास कभी बात भी होगी, 
इतने प्यार से दोस्ती की है, 
जिन्दगी रही तो मुलाकात भी होगी.....

क्या कहे कुछ कहा नही जाता, 
दर्द मीठा है पर रहा नही जाता, 
दोस्ती हो गई इस कदर आपसे, 
बिना याद किये बिना रहा नहीं जाता।

दोस्ती वो नहीं होती, जो जान देती है 
दोस्ती वो नही होती जो मुस्कान देती है 
दोस्ती तो वो होती है 
जो दोस्ती को प्यार का नाम देती हैं.....

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त, 
मजा तो तब है.. 
जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले।

सच्ची है मेरी दोस्ती आजमा के देखलो, 
करके यकीं मुझ पे मेरे पास आके देखलो, 
बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग, 
जितनी बार दिल करे आग लगा कर देखलो।

दोस्त आपकी दोस्ती का क्या खिताब दे, 
करते है इतना प्यार की क्या हिसाब दे। 
अगर आपसे भी अच्छा फूल होता तो ला देते, 
लेकिन जो खुद गुलदस्ता हो उसे क्या गुलाब दे।

दोस्ती अच्छी हो तो रंग़ लाती है 
दोस्ती गहरी हो तो सबको भाती है 
दोस्ती नादान हो तो टूट जाती है 
पर अगर दोस्ती अपने जैसी हो 
तो इतिहास बनाती है।

हमने अपने नसीब से ज्यादा, 
अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है, 
क्यूँ की नसीब तो बहुत बार 
बदला है... 
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है।

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी, 
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी, 
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा, 
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।

दोस्ती दर्द नहीं खुशियों की सौगात है, 
किसी अपने का ज़िंदगी भर का साथ है, 
ये तो दिलों का वो खूबसूरत एहसास है, 
जिसके दम से रोशन ये सारी कायनात है।

ज़िंदगी के तूफानों का साहिल है दोस्ती, 
दिल के अरमानों की मंज़िल है दोस्ती, 
ज़िंदगी भी बन जाएगी अपनी तो जन्नत, 
अगर मौत आने तक साथ दे दोस्ती।

होंठों पे उल्फत के फ़साने नहीं आते, 
जो बीत गए फिर वो ज़माने नहीं आते, 
दोस्त ही होते हैं दोस्तों के हमदर्द, 
कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते।

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं, 
पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं, 
हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है, 
कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं।

हर ख़ुशी से ख़ूबसूरत तेरी शाम कर दूँ , 
अपना प्यार और दोस्ती तेरे नाम कर दूँ , 
मिल जाये अगर दुबारा यह ज़िन्दगी दोस्त, 
हर बार मैं ये ज़िन्दगी तुझ पर कुर्बान कर दूँ । 

दोस्त समझते हो तो दोस्ती निभाते रहना, 
हमें भी याद करना खुद भी याद आते रहना, 
हमारी तो हर ख़ुशी दोस्तों से ही है, 
हम खुश रहें या ना आप यूँ ही मुस्कुराते रहना।

किस हद तक जाना है ये कौन जानता है, 
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है । 

दोस्ती के दो पल जी भर के जी लो, 
किस रोज़ बिछड जाना है ये कौन जानता है ।

हिंदी में लव शायरी

तुझे चाहा तो बहुत इजहार न कर सके, 
कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके, 
तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई माँगी, 
और हम थे कि तुझे इंकार न कर सके।

चाँदनी बन के बरसने लगती हैं 
तेरी यादें मुझ पर, 
बड़ा ही दिलकश मेरी 
तनहाइयों का मंज़र होता है....

छुप-छुप के एहतमाम में सफ़र का पता चला, 
वो जुदा हो गया तब उसके हुनर का पता चला, 
जब एक-एक फूल उड़ा ले गई हवा, 
तब जाकर बहार को मेरे घर का पता चला।

रात देर तक तेरी दहलीज़ पर 
बैठी रहीं आँखें, 
खुद न आना था तो कोई 
ख्वाब ही भेज दिया होता।

ये शाम बहुत तनहा है मिलने की भी तलब है, 
पर दिल की सदाओं में वो ताकत ही कहाँ है, 
कोशिश भी बहुत की और भरोसा भी बहुत था, 
मिल जायें बिछड़ कर वो किस्मत की कहाँ है।

यूं आये जिंदगी में कि ख़ुशी मिल गई, 
मुश्किल राहों में चलने की वजह मिल गई, 
हर एक लम्हा खुशनुमा बना दिया, 
मेरी उम्मीद को नई मंजिल मिल गई।

कोई तो जलवा खुदा के वास्ते, 
दीदार के काबिल दिखाई दे, 
संगदिल तो मिल चुके हैं हजारों, 
कोई अहल-ए-दिल तो दिखाई दे।

दोस्ती चेहरे की मीठी मुस्कान होती है, 
दोस्ती सुख दुःख की पहचान होती है, 
रूठ भी जाये हम तो दिल से मत लगाना, 
क्योंकि दोस्ती थोड़ी सी नादान होती है।

लम्हे ये सुहाने साथ हो न हो, 
कल में आज ऐसी बात हो न हो, 
आपसे प्यार हमेशा दिल में रहेगा, 
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो।

दिल ही दिल में तुम्हें प्यार करते हैं, 
चुप-चाप मोहब्बत का इजहार करते हैं, 
ये जानते हुए भी आप मेरी किस्मत में नहीं, 
पर पाने की कोशिश बार-बार करते है।

अब कैसे कहें कि अपना बना लो मुझको, 
अपनी बाहों की क़ैद में समा लो मुझको, 
एक पल भी बिन तुम्हारे काटना है मुश्किल, 
अब तो मुझसे ही चुरा लो मुझको।

तमन्नाओं के ये दिए जलते रहेंगे, 
मेरी आँखों से आँसू निकलते रहेंगे, 
आप शमां बनके दिल में रौशनी तो करो, 
हम तो मोम बनकर पिघलते रहेंगे।

प्यार का बदला कभी चुका न सकेंगे, 
चाह कर भी आपको भुला न सकेंगे, 
तुम ही हो मेरे लबों की हँसी... 
तुमसे बिछड़े तो फिर मुस्कुरा न सकेंगे

किसी मोड़ पर तेरा दीदार हो जाये, 
काश तुझे मुझ पर ऐतबार हो जाये, 
तेरी पलकें झुके और इकरार हो जाये, 
काश तुझे भी मुझसे प्यार हो जाये।

भंवर से निकलकर किनारा मिला है, 
जीने को फिर से एक सहारा मिला है, 
बहुत कशमकश में थी ये ज़िंदगी मेरी, 
उस ज़िंदगी में अब साथ तुम्हारा मिला है। 

मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है, 
हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है, 
जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले, 
तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है।

राह में संग चलूँ ये न गँवारा उसको, 
दूर रहकर वो करता है इशारे बहुत, 
नाम तेरा कभी आने न दिया होंठों पर, 
यूँ तेरे जिक्र से शेर सँवारे हैं बहुत।

नजर से क्यूँ जलाते हो आग चाहत की, 
जलाकर क्यूँ बुझाते हो आग चाहत की, 
सर्द रातों में भी तपन का एहसास रहे, 
हवा देकर बढ़ाते हो आग चाहत की।

तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए, 
तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए, 
जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे, 
कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए।

क्यूँ किसी से इतना प्यार हो जाता है, 
एक दिन का भी इंतजार दुश्वार हो जाता है, 
लगने लगते है अपने भी पराए, 
जब एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है।

नजरों को तेरे प्यार से इंकार नहीं है, 
अब मुझे किसी और का इंतज़ार नहीं है, 
खामोश अगर हूँ मैं तो ये वजूद है मेरा 
तुम ये न समझना कि तुमसे प्यार नहीं है।

माना कि तुम जीते हो ज़माने के लिये, 
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये, 
दिल की क्या औकात आपके सामने, 
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!

रग-रग में इस तरह से समा कर चले गये,
जैसे मुझ ही को मुझसे चुराकर चले गये,
आये थे मेरे दिल की प्यास बुझाने के वास्ते,
इक आग सी वो और लगा कर चले गये।
गुलाब के फूल को हम कमल बना देते, 
आपकी एक अदा पर कई गजल बना देते, 
आप ही हम पर मरती नहीं... वरना 
आपके घर के सामने ताजमहल बना देते।

दिन रात हम वो हर काम लिख लेते हैं, 
तेरी याद में गुजरी हर शाम लिख लेते हैं, 
तुझे देखे बिना इक पल भी कटता नहीं, 
अकेले में हथेली पे तेरा नाम लिख लेते हैं।

अच्छा सुनो ना... 
जरुरी नहीं हर बार शब्द ही हों... 
कभी ऐसा भी हो 
कि मैं सोचूं... और तुम समझ लो!